State (राज्य)
भारत के संविधान में राज्य किसे कहा गया है , क्या आपको पता है की राज्य का अर्थ क्या होता है , विश्व स्तर पर देश को राज्य से संबोधित किया जाता है , राज्य वह होता है जो नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा करता है, आइए जानते है की भारत के संविधान में राज्य कहते किसको है ।
भारत के संविधान में राज्य भाग 3 के अनुच्छेद 12 एवम् भाग 4 के अनुच्छेद 36 में दी गई है, अनु० 12 के अनुसार राज्य - भारत की सरकार और संसद तथा राज्यों में से प्रत्येक राज्य की सरकार और विधान मंडल तथा भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर या भारत सरकार के नियंत्रण के अधीन स्थानीय और अन्य प्राधिकारी है।
राज्य का कर्तव्य होता है की वह अपने नागीरिको के मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा करे तथा ऐसा कोई भी कार्य या लोप ना करे जिससे किसी व्यक्ति के अधिकारों का हनन हो,
राज्य के अंतर्गत ~
सांवैधानिक तथा विधिक पद , न्यायिक , अर्ध न्यायिक, स्थानीय पद इत्यादि आते है इनमें से कोई भी किसी भी व्यक्ति के अधिकारों के उल्लघंन नही करेगा।
इसी प्रकार अनुच्छेद 36 में अनुच्छेद 12 में दिए गए परिभाषा को बताया गया है
अनुच्छेद 36 के अनुच्छेद राज्य वही होगा जो अनुच्छेद 12 में है।
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा समय समय पर अपने निर्णय को दिए गए है ,
नरेश बनाम महाराष्ट्र राज्य तथा ए आर अंतुले बनाम आर एस नायक के वाद में न्यायालय को भी राज्य माना गया ।
ए आर अंतुले बनाम आर एस नायक में कहा गया की न्यायालय ऐसा कोई आदेश नहीं दे सकता जो इस संविधान के भाग 3 में दिए गए अधिकारों का अतिक्रमण करता हो।
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